धर्माचरण
(धर्म द्वारा नेकी पर चलना)
सँसार में अनेक धर्मों का पालन किया जाता है । जन्म के अनुसार ही धर्म निर्धारित हो जाता है ।
प्रत्येक इंसान को प्रतिबद्धता से धर्मानुसार बताये गये नेकी के रास्ते का आचरण करना चाहिये ।
कोई व्यक्ति अगर सच्चाई से धर्म से प्रेरित होकर नेकी के रास्ते पर चलता है तो वह अपने लिये सुखद जीवन की नींव बना लेता है ।
सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय की शिक्षा भी धर्म द्वारा ज्ञात होती है ।
धर्म ही कर्तव्य प्रधान है, धर्म ही नेकी की राह है ।