जो कष्ट आये और ठहर जाये वो कष्ट कष्ट होता है ! जो कष्ट आकर कट जाये वो कष्ट कष्ट नहीं होता ! गुरु बिन ज्ञान नहीं ! गुरु कृपा से पहाड़ सा कष्ट भी पानी बन निकल जाता है!
जब भी हो सके, दूसरों की मदद करने की कोशिश करो | जो ज़रुरतमंद हैं उनकी मदद करना बहुत अच्छी आदत है | जब तुम ऐसा करते हो तब तुम अपनी मदद भी करते हो, क्योंकि प्राकृति का नियम है की जैसा तुम करोगे वैसा ही तुम्हारे साथ भी होता है |
आज में जियो | आज का दिन अच्छा करने की कोशिश करो | न आने वाले कल की चिंता करो, न जो कल बीत गया है उसकी चिंता करो | बीता समय निकल गया है और आने वाला कल हमारे हाथ में नहीं है | हम जो भी कर्म आज करेंगे वो अपने आप हमारे आने वाले कल का ध्यान रखेंगे |
दीपावली के उपलक्ष में सबको प्रण लेना चाहिये कि सदा नेक रास्ते पर चलेंगें, सदा शुद्ध विचार रखेंगे, अपनी वाणी में मिठास रखेंगे – इतनी मिठास कि जिसके भी साथ हों वो भी प्रभावित हो जाए | हम सब इनको अपने जीवन का सिद्धांत बनाएं | इन विचारों को अपने जीवन में ग्रहण करें | स्वामीजी सदैव अपने भक्तों की हरेक नेक इच्छा को पूरा करतें आएं हैं और हमेशा करतें रहेंगें | आमीन |