हिसाब-किताब

ज़िन्दगी का दूसरा नाम संघर्ष है| निरंतर, अविराम चलने वाला संघर्ष| परंतु उससे भी बड़ा संघर्ष है हर स्थिति और परस्थिति में खुश रहना|
हर सुख और दुःख में समभाव रहना| सदा अपने आप को यह याद दिलाते रहना कि वो नीली छत्तरी वाला  सारा हिसाब-किताब रख रहा है, पुराना भी और नया भी| कभी जीवन से हार मत मानो|
किसी का बुरा न सोचो, खुश रहो और दूसरों को खुश करने की कोशिश करो, क्योंकि हम नहीं जानते कि कौन किस दौर से गुज़र रहा है! ठगे जाओ पर कभी किसी को ठगो मत| सत्य के लिए लड़ो परंतु अपनी विनम्रता मत छोड़ो| संघर्ष करना मत छोड़ो| जो यहां (जीवन में) हार गया, वो वहां (जीवनोपरांत) क्या लड़ेगा?

14 thoughts on “हिसाब-किताब

  1. Very nice..
    Motivating too…
    शुक्रिया इन पंक्तियों के लिए 😃
    The very first line inspired me at the moment to get up and work towards my goal 😇

    Jai Gurudev🙏

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  2. अति उत्तम सन्देश ।
    एक गीत की पंक्तियाँ स्मरण होता है,
    ” रुक जाना नहीं तू कहीं हार के, काँटों पे चलके मिलेंगे साये बहार के “.
    चलते चलो, बढ़ते रहो ।

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  3. Babaji when we remember Him in our problems and sit in meditation help comes This happen ed with me number of times B D Pandey

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  4. शिक्षा चाहे कितनी भी उच्च कोटि की हो, किन्तु इसके साथ सभ्यता भी होना आवश्यक है,
    अगर सभ्यता नहीं है तो फिर अनपढ़ ही ठीक है ।

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  5. With enormous blessings of Swamiji,
    The most difficult task is performed so smoothly that sometimes even the performer can’t believe.
    This is sheer magic of divine soul The Swamiji

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  6. गुरू ही वो स्त्रोत है जिसके द्वारा हम परमात्मा तक पहुँच सकते है ।
    अगर गुरू तुरन्त ही हमें परमात्मा के समक्ष खड़ा कर दे तो हम क्या करेंगे, उस से क्या कहेंगे, क्या माँगेगे ?
    इसीलिये गुरू हमें पहले तैयार करते है फिर उस परमात्मा से मिलाते है ।

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  7. आकाश में से पानी की एक बूँद जब धरती पर पड़ती तो धरती उसे सोख लेती है, पत्थर पर गिरती है तो छटक कर आगे बढ़ जाती है, वही बूँद जल में पड़कर तरँग उतपन्न कर के उसी में घुलमिल जाती है ।
    स्वामीजी की शिक्षा भी सभी के लिये समान रूप से है, प्रार्थना गुरूदेव से यही है कि जल की तरह हमें अपने में मिला लेना ।
    स्वामीजी का प्यार व् आशिर्वाद हर जगह प्रत्येक भक्त पर बरसता है, चाहे भक्त देश में हो या विदेश में ।
    तू प्यार का सागर है तेरी एक बूँद के प्यासे हम ।

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  8. जय गुरूदेव 🙏
    1. एक इन्सान हाथ में से भभुति निकालता है, सन्तरा व् और भी बहुत कुछ हवा में से ही निकाल लेता है । कुछ लोग इन चमत्कारों को पसन्द भी करते है ।

    2. एक जगह पाताल से कोई मूर्ति निकालता है और फिर वापिस उन्हें पाताल में पहुँचा देता है, लोगों की भीड़ इन्हें देखने उमड़ पड़ती है ।

    3. एक इन्सान लाखों करोड़ों लोगों के सामने खुद खड़े होकर उन्हें योग, आसन, व्यायाम सिखाता है , जिससे लोगों को स्वास्थ्य लाभ् की ओर अग्रसर होने में सहायता होती है ।

    ” अब आप बताइये कि इनमें से किसके सद्गुण बड़े ” ?
    क्या हमें इन चमत्कारों वाली भीड़ में शामिल होना चाहिये ?

    उस इन्सान के सद्गुण सबसे बड़े जो लोककल्याण के अच्छे स्वास्थ्य के लिये उन्हें योग सिखाता है, व्यायाम कराता है

    क्या हम अंधविश्वास में चले या फिर हम सच्चाई में जिये ?

    💐🙏 स्वामीजी श्री अजय जैन का यह दिया ज्ञान है कि हमें अंधविश्वास में नहीं भागना चाहिये, हमें वास्तविकता से स्वयम अवगत होना है । सच्चाई में , practical देखकर जिंदगीें जिओ
    हर इन्सान को यह देखना चाहिये कि ईश्वर ने उसे बुद्धि दी, सदगुरू ने उसे सद्बुद्धि दी, तो फिर अपनी समझ का इस्तेमाल तो करें ।
    निर्णय स्वयम् करे व् जीवन को सुखी बनाये ।
    🙏🌸🙏🌸🙏🌸🙏🌸🙏🌸🙏
    🌺🌺🌺जय गुरूदेव🌺🌺🌺

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